अब नौकरी खोजना छोड़ा, व्यवस्था करो नौकरी बांटने की

अब नौकरी खोजना छोड़ा, व्यवस्था करो नौकरी बांटने की
संजय दीक्षित
अभी भी वक्त है, निकलने के बाद हाथ मलते ही रह जाओगे। सोच को बदलिए। नौकरी मांगिए मत, नौकरी दीजिए। 
आपके अंदर प्रश्न उठ रहा होगा कि यहां खाने के लाले हैं, नौकरी केसे दे सकते हैं। हां! सही प्रश्न है। अगर यह प्रश्न आपके अंदर उठा है तो सच मानिए आपके पास अच्छी सोच का अभाव है। बदल दीजिए अपने सोच। सकारात्मक बिनए।
ऐसा क्या करें जिससे पैसा भी आए और औरों को भी पैसा कमाने का मौका देंः-

वह है नेटवर्क मार्केटिंगः-
अगर आप नए हैं या बहुत कम जानते हैं तो आपके अंदर यह प्रश्न उठेगा ही कि आखिर क्या होता है नेटवर्क मार्केटिंग

समझिए क्या है नेटवर्क मार्केटिंगः-
नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस का नया तरीका है। जिसमें कोई भी कंपनी हो वह सीधे यूजर यानि उपभोक्ता से जुड़ती है। जबकि पुराने बिजनेस करने के तरीके को हम पारंपरिक व्यापार के नाम से जानते हैं जिसको इंगलिस में (ट्रेडीशनल बिजनेस) कहते हैं। 

क्या है पारंपरिक व्यापार (ट्रेडीशनल बिजनेस)ः-

पुराने तरीके में कंपनी सुपर स्टाकिस्ट, स्टाकिस्ट, बड़ा डिस्टीब्यूटर, छोटा डिस्टीब्यूटर आदि के अलावा विज्ञापन में प्रॉफिट का एक बड़ा हिस्सा यानि 45 प्रतिशत तक बांट देती है। अगर यूं कहें कि हर उपभोक्ता को कोई भी वस्तु जिसका निर्माण मूल्य 50 से 55 रुपये पड़ता है, लेकिन उपभोक्ता को उसका 100 रुपये चुकाना पड़ता है। जो पैसा आम उपभोक्ता चुकाता है उस पैसे से मात्र 5 से 7 लोगों के यहां पर अच्छा खाना, अच्छे कपड़े, महंगी गाड़ियां, रहने के लिए बंगले मिलते हैं और तो और उनके बच्चे अच्छे स्कूल-कॉलेजों व विदेशों में पड़ते हैं, लेकिन जो पैसा खर्च करता है वह है आम उपभोक्ता और उसके लिए दो जून की रोटी के भी कभी-कभी लाले पड़ जाते हैं। उपभोक्ता को ही इंगलिश में कस्टूमर कहते हैं। इस शब्द का किसी योग्य व्यक्ति ने छंदी विच्छेद किया है कि ‘‘कस्ट सह और मर, औरों के लिए जीवन भर कर।’’
Sanjay Dixit
नेटवर्किंग से कैसे बन सकते हैं हम सफल बिजनेस मैनः-
नेटवर्किंग मार्केटिंग यानि नई तरह का वह तरीका जिसमें हम किसी भी प्रॉड्क्ट बेस कंपनी को ज्योइन करके उसके उत्पाद यानि वस्तुओं को खरीदें साथ ही और लोगों को कंपनी में ज्योइनिंग दिलाकर अपनी डाउन लाइन डबलप करें। इससे जो बिजनेस होगा वह आपकी पूरी लाइन यानि अप और डाउन दोनों ओर बंटेगा। अगर यह कहा जाएग कि पैसा लगाएगी कंपनी। वस्तु उपलब्ध कराएंगी कंपनी और लाभ उसको होगा जो वर्क करेगा वर्क यानि नेटवर्क खड़ा करेगा।

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